ہفتہ، 15 اگست، 2015

Dr Pankaj Karan ki shayri

"हमें तहज़ीब दुनिया की वो कुछ ऐसे सिखाता है, निगाहें हम उठाते हैं तो वो ऊँगली उठाता है।। वतन की लाज की पहचान है इन तीन रंगों में, अदब से कौन है जो इसके आगे सर झुकाता है।।।।" ---- पंकज कर्ण।��

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